पुणे: पुणे के नसरापुर रेप और मर्डर केस में पुणे की विशेष अदालत ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस केस में आरोपी भीमराव कांबले को पहले ही दोषी ठहराया था। आज केस की आखिरी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले पर पूरे राज्य की नज़र थी।
सुनवाई के दौरान नसरपुर मामले में पीड़ित लड़की के माता-पिता, दादी और दूसरे रिश्तेदार कोर्ट में मौजूद थे। पिता ने कोर्ट से आरोपी को मौत की सज़ा देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “यह जुर्म मौत की सज़ा का हकदार है। आरोपी के लिए मौत की सज़ा काफी नहीं है। आरोपी के लिए उम्रकैद भी काफी नहीं होगी। यह साबित हो चुका है कि यह काम आरोपी ने किया था। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। इस आरोपी का समाज में रहना खतरनाक है। हत्या के बाद भी आरोपी ने यौन शोषण जारी रखा। आरोपी ने छोटी लड़की को जीने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा। आरोपी पर रहम करने की कोई वजह नहीं है। समाज में आरोपी का बर्ताव बहुत बुरा है।”
इस मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को कोर्ट ने भीमराव कांबले को इंडियन पीनल कोड और POCSO एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया। उसके बाद कोर्ट में आरोपी को क्या सज़ा दी जाए, इस मुद्दे पर सरकारी पक्ष, बचाव पक्ष और असली वादी की तरफ से अलग-अलग दलीलें रखी गईं। विशेष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने आरोपी के लिए मौत की सज़ा की मांग करते हुए कहा था कि यह अपराध रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर है। उन्होंने यह भी कहा था कि आरोपी के केस में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।





























