चंद्रपुर: राज्य को झकझोर देने वाले अंतरराज्यीय किडनी तस्करी मामले में जांच के दौरान लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे अवैध नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार और एजेंट डॉ. कृष्णा उर्फ रामकृष्ण सुंचू ने गरीब और जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों की काली कमाई की। अब इस रैकेट का पर्दाफाश करने वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उसकी अवैध संपत्ति पर शिकंजा कसते हुए अपराध में इस्तेमाल की गई उसकी लग्जरी हुंडई क्रेटा कार तथा उसके भाई को भेजी गई 11 लाख 50 हजार रुपये की नकद राशि जब्त कर ली है।
जांच में सामने आया है कि डॉ. कृष्णा गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपने जाल में फंसाकर किडनी बेचने के लिए मजबूर करता था। इसके बदले उसे भारी-भरकम कमीशन मिलता था। किडनी तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से उसने वर्ष 2024 में एमएच-13-ईके-8578 नंबर की हुंडई क्रेटा कार नकद भुगतान कर खरीदी थी।
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया कि किडनी दान के नाम पर धोखे से लाए गए पीड़ितों को लाने-ले जाने के लिए इसी वाहन का कई बार इस्तेमाल किया गया। यह कार डॉ. कृष्णा का भाई चला रहा था।

जानकारी मिलते ही एसआईटी ने वाहन जब्त कर लिया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि डॉ. कृष्णा ने अवैध कमाई को छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए अपने भाई के माध्यम से वित्तीय लेन-देन किए थे। उसने अपने भाई के खाते में 11 लाख 50 हजार रुपये भेजे थे। एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त राशि भी जब्त कर ली है।
इस मामले की जांच पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसआईटी प्रमुख ईश्वर कातकड़े के मार्गदर्शन में जारी है।
20 जुलाई को होगी डॉ. कृष्णा की जमानत याचिका पर सुनवाई
किडनी तस्करी रैकेट का मुख्य एजेंट डॉ. कृष्णा तथा पीड़ितों की अवैध सर्जरी कर उनकी किडनी निकालने का आरोप झेल रहे दिल्ली निवासी डॉ. रविंद्रपाल सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
वहीं, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित प्रतिष्ठित स्टार किम्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजरत्नम गोविंदसामी, जहां कथित रूप से ये अवैध सर्जरियां की गई थीं, अब भी फरार हैं। एसआईटी और पुलिस की टीमें तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस बीच डॉ. कृष्णा ने हायकोर्ट के नागपुर खंडपीठ में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर 20 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।





























