राम रक्षा आंदोलन: उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे सहित यूबीटी के नेता पहुंचे नागपुर

नागपुर: आयोध्या (Aayodhya) स्थित राम मंदिर में चोरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) नागपुर में राम रक्षा आंदोलन (Ram Raksha Protest) करने वाले हैं। शहर के राम नगर स्तिथ श्री राम मंदिर में राम रक्षा का पठन किया जाएगा। आंदोलन को शामिल होने के लिए उद्धव ठाकरे शनिवार को नागपुर पहुंचे। इस दौरान उनके बेटे और वर्ली विधायक आदित्य ठाकरे सहित बड़े शिवसेना नेताओं के साथ नागपुर पहुंचे।

ज्ञात हो कि, अयोध्या में राम मंदिर के दान में चोरी का मामला सामने आने के बाद देश भर में राम भक्तों को नाराजगी के सुर है। वहीं चोरी पर आक्रामक रुख अपनाते हुए उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने राज्य भर में राम रक्षा पठन आंदोलन की शुरुआत की है। मुंबई के बाद 18 जुलाई को उपराजधानी नागपुर में यह आंदोलन किया जाने वाला है।

आंदोलन को लेकर तैयारी पूरी
उद्धव ठाकरे शाम चार बजे आंदोलन करने वाले हैं। जिसको लेकर शिवसेना द्वारा पूरी तैयारी हो चुकी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत बीते चार दिनों से नागपुर में पार्टी के अन्य नेताओ के साथ डेरा डाले हुए हैं। मंदिर प्रबंधन के शिवसेना नेताओं को मंदिर के अंदर किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम करने देने की अनुमति नहीं दी है। जिसके बाद मंदिर के बाहर सड़क पर सभा आयोजित की जाएगी। इसको लेकर एक बड़ा सा स्टेज बनाया गया है।

कितने की बलि लेकर मानेगी सरकार
सोनम वांगचुक के अनशन की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जोरदार हमला बोला। नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार यह बताए कि आखिर कितनी और जानें जाने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाएगा?”

उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि भारतीय जनता पार्टी और प्रशासन के बीच अब कोई तालमेल नहीं बचा है। जिस निर्दयी और क्रूर तरीके से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, वह बेहद शर्मनाक है। अगर सरकार को सोनम वांगचुक की सेहत की इतनी ही चिंता थी, तो उन्हें पहले ही बातचीत के लिए बुलाना चाहिए था।”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार न तो नीट परीक्षा ठीक से आयोजित कर पाई और न ही आंदोलन को सही ढंग से संभाल सकी। आखिर धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या है कि इतनी बड़ी-बड़ी गलतियों के बावजूद उनका इस्तीफा नहीं लिया जा रहा? नीट पेपर लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली। अब सोनम वांगचुक भी अपने प्राणों की बाजी लगाने को मजबूर हो गए हैं। जानकारी मिल रही है कि छात्र भी उनके अनशन में शामिल हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार की नींद नहीं टूट रही है।”

Raksha Times
Author: Raksha Times

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