नागपुर: नागपुर में सरकारी विभाग के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के समाज कल्याण विभाग के नाम पर 20 अनुदानित वस्तीगृहों की सफाई के लिए बोगस टेंडर जारी किया गया। इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड श्रीकांत डोईफोडे के खिलाफ सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
तीन दिन पहले आरोपी श्रीकांत डोईफोडे ने जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग के नाम से एक फर्जी विज्ञापन प्रकाशित किया। विज्ञापन में 20 वस्तीगृहों की सफाई का ठेका देने की बात कही गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस विज्ञापन के लिए समाज कल्याण विभाग के नकली लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया था।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। क्या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? या फिर यह सिर्फ एक व्यक्ति की चाल थी? इसका खुलासा अब पुलिस की जांच में ही हो पायेगा।





























