चंद्रपुर: रोजगार की तलाश में चंद्रपुर जिले से तेलंगाना गए मजदूरों पर काल ने क्रूर प्रहार किया है। तेलंगाना के रामागुंडम में हुए एक भीषण सड़क हादसे में सिंदेवाही तालुका के पवना चक गांव के 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 27 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद से पवना चक गांव सहित पूरे परिसर में मातम छा गया है।
धान की रोपाई के लिए गए थे तेलंगाना
सिंदेवाही तालुका के पवना चक गांव के यह मजदूर हर साल की तरह इस बार भी धान (चावल) की रोपाई के मौसमी काम के लिए तेलंगाना गए थे। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे, दिनभर की मजदूरी खत्म कर जब वे गाड़ी से वापस लौट रहे थे, तभी रामागुंडम इलाके में उनकी गाड़ी का भयानक एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चार मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मृतकों में तीन महिलाएं शामिल
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान अतुल वासुदेव सोनुले (45), अर्चना जनार्दन सोनुले (40), प्रभा सीताराम मोहुर्ले (56) और रंजना प्रभाकर शेंडे (50) के रूप में हुई है। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं। इस घटना से कई परिवारों के कमाऊ सदस्य छिन गए हैं, जिससे गांव में हर तरफ चीख-पुकार मची है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल हुए 27 मजदूरों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। तेलंगाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मजदूरों की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के ग्रामीण इलाकों से हर साल सैकड़ों गरीब मजदूर धान के सीजन में रोजी-रोटी के लिए तेलंगाना पलायन करते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सीजनल माइग्रेंट वर्कर्स (प्रवासी मजदूरों) के परिवहन और उनकी सुरक्षा की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन मृतकों के शवों को चंद्रपुर जिले में वापस लाने और घायलों को उचित इलाज व सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वय कर रहा है।




























