नागपुर: लंबे समय से लंबित नागपुर एयरपोर्ट के विस्तार और पुनर्विकास की मांग अब फिर जोर पकड़ने लगी है। AID संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि क्षेत्र के विकास और बढ़ती आबादी को देखते हुए एयर कनेक्टिविटी अब समय की जरूरत बन चुकी है।
नागपुर के डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार और पुनर्विकास की मांग को लेकर AID के पदाधिकारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र की जनसंख्या, औद्योगिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन हवाई सेवाओं के अभाव में नागरिकों और व्यापारियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। एयरपोर्ट बनने से न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आसपास के जिलों को भी इस एयरपोर्ट से सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

AID ने केंद्र सरकार से जल्द सर्वे और स्वीकृति प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।





























