नागपुर: नागपुर शहर को दहलादेने वाले अथर्व नानोरे हत्याकांड को आखिर पुलिस से सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फिरैती की रकम को लेकर आरोपियों ने पहले अथर्व का अपहरण किया और आधे घंटे बाद की उसकी हत्या कर दी। वहीं अथर्व के गायब होने की खबर फैलते ही आरोपी घबरा गए। और फिरौती की मांग नहीं की। वहीं अपहरण के दूसरे दिन उसका शव आउटर रिंगरोड पर फेंक दिया। सबसे महत्वपूर्ण हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक का पडोसी है। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जय यादव, कृणाल साहू और आशिष साहू ने पैसों के लालच में अथर्व का अपहरण किया और कुछ ही घंटों के भीतर उसकी हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:54 बजे अथर्व को बहाने से अपने साथ ले जाया गया और करीब 11:30 बजे गाड़ी में ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने हनुमान जयंती की रैली से गाड़ी लाने का बहाना बनाकर अथर्व को अपने साथ बुलाया था। हत्या के बाद भी आरोपियों ने शव को गाड़ी में ही छिपाकर रखा। बाद में शनिवार को लोणार क्षेत्र में अथर्व का शव बरामद किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी डर गए थे, जिसके कारण उन्होंने फिरौती के लिए कोई कॉल नहीं किया। इसी वजह से मामले का खुलासा होने में देरी हुई। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।




























