बजट 2026-27: मोदी सरकार 3.0 का विजन; रफ्तार, क्षमता और सबका साथ, बजट में किसके लिए क्या-क्या रहा पढ़ें

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार 3.0 का आम बजट पेश किया, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने का व्यापक रोडमैप सामने रखा गया। बजट में रफ्तार, क्षमता और सबका साथ के तीन विजन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, MSME और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर विशेष फोकस रखा गया है। रिकॉर्ड कैपेक्स, नए फ्रेट कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मिशन, सस्ती दवाइयों और कई वस्तुओं पर ड्यूटी में राहत के जरिए सरकार ने तेज़ विकास और आम जनता को सीधी राहत देने का संकेत दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार 3.0 का बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था को तेज़ रफ्तार देने, लोगों की क्षमता बढ़ाने और हर क्षेत्र व परिवार तक अवसर पहुँचाने के तीन प्रमुख विजन रफ्तार, क्षमता और सबका साथ को आधार बनाया गया। बजट में आम जनता, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। आम लोगों को राहत देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।

देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा ऐलान किया गया है। देशभर में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी सिलिगुड़ी शामिल हैं। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में बुद्धिस्ट सर्किट विकसित करने का भी ऐलान किया गया है।

तीन नए आयुर्वेदिक AIIMS 

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए कैंसर की 17 दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों पर आयात शुल्क हटा दिया गया, जिससे इलाज सस्ता और अधिक सुलभ होगा। इसके अलावा तीन नए आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाएंगे और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच नए मेडिकल हब भी स्थापित किए जाएंगे।

12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स आवंटित

शहरों और टियर-2, टियर-3 शहरों के विकास के लिए सरकार ने 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स आवंटित किया है, जिससे सड़कों, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। महिला सशक्तिकरण के लिए लगभग 800 जिलों में लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल सुनिश्चित किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपए 

टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ा जोर दिया गया है। भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च किया जाएगा और मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का बजट 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।

उपयोगी वस्तुओं के टैक्स में कटौती

 

इसके साथ ही दवाइयों और आम जरूरत की वस्तुओं पर भी राहत दी गई है। कपड़े, लेदर, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, लिथियम आयन सेल, सोलर ग्लास, ईवी, माइक्रोवेव ओवन और विमानों के ईंधन सहित कई चीजें ड्यूटी फ्री होंगी, जबकि कैंसर और शुगर से जुड़ी 17 जरूरी दवाइयां भी ड्यूटी फ्री की गई हैं। इसके विपरीत शराब, स्क्रैप और कुछ खनिजों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

कुल मिलाकर बजट 2026-27 ने तेज़ आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूती, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार, महिला सशक्तिकरण और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। यह बजट न केवल निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि आम जनता और उद्योगों के लिए सीधी राहत देने का भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Raksha Times
Author: Raksha Times

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