मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट लेनी शुरू कर दी है. चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कमजोर पड़ने के बाद भी उसके असर से प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग की तरफ से प्रदेश के 11 जिलों श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी वर्षा के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. वहीं विभाग का कहना है कि अगले 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है. आइए आज हम आपको बताते हैं कि मध्य प्रदेश में 30 अक्टूबर को मौसम कैसा रहेगा.
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अरब सागर में सक्रिय डिप्रेशन, राज्य के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और उत्तर मध्य प्रदेश में बने चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से यह बदलाव हो रहा है.वहीं ‘मोंथा’ तूफान, जिसने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा तट पर लैंडफॉल किया था, अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है. यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों को प्रभावित कर रहा है.
IMD भोपाल के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. वहीं, भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. बीते दिन राज्य के सात जिलों में बारिश हुई, जबकि ग्वालियर, शिवपुरी और रतलाम में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई.भोपाल का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4-5 डिग्री कम है.वहीं मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी जारी की गई है, कि भारी वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.मौसम विभाग के मुताबिक, 30 अक्टूबर को मध्य प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इनमें पूर्वी मध्य प्रदेश के जिले बालाघाट, मंडला, अनूपपुर बताए जा रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ से सटे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहने की संभावना है. बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.






























