नागपुर: नागपुर से मुंबई तक जाने वाले समृद्धि महामार्ग पर अब वाहन चालकों की सुरक्षा व मार्गदर्शन के लिए 1,500 उच्च तकनीकी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इस योजना का लक्ष्य हाईवे के दोनों तरफ स्थित संवेदनशील जगहों और खतरा उत्पन्न कर सकने वाली दुर्घटनास्थल पर सतत निगरानी करना है, जिससे तेजी से घटनाओं का पता लगाकर नियंत्रण किया जा सके। राज्य के परिवहन नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने वाले 701 किलोमीटर लंबे नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग को राज्य के लिए “गेमचेंजर” माना गया है। इस मार्ग पर अत्याधुनिक कैमरों के लगाने से रोड सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इसके तहत कैमरे प्रत्येक 500 मीटर की दूरी पर लगेंगे, जिनसे वाहन चालकों की गतिविधियां तथा संभावित खतरों पर शीघ्र नियंत्रण हो सकेगा। इस पहल के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस और एहतियात विभाग को लाइव फीड मिलने से दुर्घटना नियंत्रण, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन में सहायता मिलेगी। कैमरों की मदद से हादसों की संख्या कम होने के साथ-साथ चालक को सतत मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा, जो कुल मिलाकर हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाएगा। इस व्यवस्था से न सिर्फ आवाजाही को सुगम बनाया जाएगा, बल्कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए अपराध एवं कानून व्यवस्था की भी कड़ी निगरानी की जाएगी। नागपुर से मुंबई तक हर वाहन इस नजरेंगी के दायरे में रहेगा, जिससे समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा का नया युग शुरू होगा।
यह परियोजना राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा सुधार योजना का एक अहम हिस्सा है, जिसमें हाईटेक निगरानी प्रणाली द्वारा यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके सफलता पूर्वक कार्यान्वयन से दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ मालवाहक व यात्री वाहनों का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।





























