समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’

नागपुर: महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी ‘समृद्धी महामार्ग’ और प्रस्तावित ‘शक्तिपीठ महामार्ग’ परियोजनाओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने करीब 35 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं में पारदर्शिता और ठेका प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इन परियोजनाओं से जनता को समृद्धि और शक्ति मिलेगी या कुछ चुनिंदा ठेकेदारों की ही समृद्धि होगी।

चुनिंदा ठेकेदारों को बार-बार काम देने पर सवाल

वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में ठेकेदारों के चयन और निविदा प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि 35 हजार करोड़ रुपये के इन महाकाय प्रोजेक्ट्स में आखिर ठेकेदार कौन हैं? इतने बड़े कामों के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं कराई जा रही? कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को बार-बार काम दिए जाने के पीछे सरकार का क्या कारण है?

500 करोड़ का काम 300 करोड़ में सबलेट करने का आरोप

वडेट्टीवार ने कामों की लागत और सबलेटिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कोई काम 500 करोड़ रुपये में लिया जाता है और बाद में वही काम 300 करोड़ रुपये में किसी दूसरे ठेकेदार को सबलेट कर दिया जाता है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि बचने वाले 200 करोड़ रुपये कहां जाते हैं और किसकी जेब में जाते हैं?

उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि महामार्ग निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। 35 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पैसा कहां और किस तरह खर्च हो रहा है, इसका पूरा हिसाब महाराष्ट्र की जनता को मिलना चाहिए, ऐसा वडेट्टीवार ने कहा।

शरद पवार-मोदी मुलाकात पर भी बोले वडेट्टीवार

वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर भी वडेट्टीवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के बारे में उन्हें पूरी जानकारी है, लेकिन फिलहाल वे इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें शरद पवार की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात पर कोई नाराजगी नहीं है, क्योंकि शरद पवार के विचार उनके साथ ही हैं।

Raksha Times
Author: Raksha Times

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

शिक्षा सुधार से लेकर पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई तक, सोनम वांगचुक पिछले तीन दशक से लगातार सक्रिय रहे हैं। लेकिन आखिर वह कौन हैं, उनके प्रमुख नवाचार क्या हैं और किन-किन आंदोलनों के कारण वे चर्चा में रहे? आइए जानते हैं…

error: Content is protected !!