Bhandara: खरीफ सीजन से पहले कृषि विभाग का बड़ा एक्शन; 36 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

भंडारा: खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत से पहले किसानों को खाद और बीज की किल्लत न हो और उन्हें सही दाम पर खाद मिले, इसके लिए जिला कृषि विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने के नेतृत्व में 1 अप्रैल से पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
जांच में खुली पोल
कृषि विभाग की टीमों ने जिले के कुल 197 खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, कीमतों में अंतर और सबसे महत्वपूर्ण यूरिया व डीएपी जैसे सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री में ई-पॉस (e-POS) मशीन का उपयोग न करने जैसी गंभीर खामियां पाई गईं।
सुनवाई के बाद बड़ी कार्रवाई
निरीक्षण के बाद दोषी पाए गए 46 विक्रेताओं को 21 अप्रैल को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने और शिकायतों में तथ्य पाए जाने पर प्रशासन ने निम्नलिखित कार्रवाई की। 36 विक्रेताओं के परवाने (Licence) निलंबित। इन दुकानों पर अब खाद की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। 10 विक्रेताओं को गलतियां कम गंभीर थीं, उन्हें भविष्य के लिए अंतिम चेतावनी (Warning) दी गई है।
किसानों के हित में फैसला
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि कोई भी विक्रेता खाद की अवैध जमाखोरी करता है या किसानों को ई-पॉस रसीद देने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के खाद माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
Raksha Times
Author: Raksha Times

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