नागपुर: साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट मेहनत के बल पर नागपुर पुलिस दल के सहायक पुलिस निरीक्षक (API) शिवाजी लक्ष्मण ननवरे ने वैश्विक पर्वतारोहण में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने दुनिया की सातवीं सबसे ऊँची और अत्यंत दुर्गम मानी जाने वाली ‘धौलगिरी’ (8,167 मीटर) चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया है। महाराष्ट्र पुलिस के इतिहास में धौलगिरी फतह करने वाले वे पहले अधिकारी बन गए हैं।
पर्वतारोहण में ‘पंचरत्न’: ननवरे का शानदार सफर
शिवाजी ननवरे की यह सफलता केवल धौलगिरी तक सीमित नहीं है। वे दुनिया की कई सबसे ऊँची चोटियों को पहले ही फतह कर चुके हैं, जो उनकी अद्भुत क्षमता को दर्शाता है:
- माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर): दुनिया की सबसे ऊँची चोटी।
- माउंट लोहत्से (8,516 मीटर): दुनिया की चौथी सबसे ऊँची चोटी।
- माउंट मकालू (8,485 मीटर): दुनिया की पाँचवीं सबसे ऊँची चोटी।
- माउंट मनास्लू (8,163 मीटर): दुनिया की आठवीं सबसे ऊँची चोटी।
- माउंट धौलगिरी (8,167 मीटर): अब सातवीं सबसे ऊँची चोटी भी उनके नाम हो गई है।
धौलगिरी: साहस की अंतिम परीक्षा
धौलगिरी को पर्वतारोहियों के लिए सबसे कठिन चुनौतियों में से एक माना जाता है। ऑक्सीजन की भारी कमी, शून्य से नीचे का तापमान, बर्फीले तूफान और जानलेवा हिम दरारों (Crevasses) के बीच यह मिशन बेहद खतरनाक था। लेकिन ननवरे ने अपने धैर्य और मानसिक मजबूती के दम पर इन सभी बाधाओं को पार किया।
कर्तव्य और साहस का संगम
पुलिस सेवा की व्यस्त और जिम्मेदारी भरी ड्यूटी निभाते हुए पर्वतारोहण जैसे कठिन क्षेत्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना वाकई प्रेरणादायक है। शिवाजी ननवरे ने साबित कर दिया कि “कुछ भी असंभव नहीं है, बस आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस होना चाहिए।” उनकी इस गौरवशाली उपलब्धि से न केवल नागपुर पुलिस बल्कि पूरे महाराष्ट्र का नाम विश्व स्तर पर रोशन हुआ है। नागपुर पुलिस आयुक्तालय सहित पूरे राज्य से उन पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।




























