Gondia: शराबबंदी की मांग पर उग्र हुआ किदंगीपार, सैकड़ों ग्रामीणों का तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन

गोंदिया: गोंदिया जिले के आमगांव तहसील स्थित किदंगीपार गांव में शराबबंदी की मांग अब बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। गांव की सैकड़ों महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने आमगांव तहसील कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जाहिर की। ‘पेय-मुक्त किदंगीपार’ के संकल्प के साथ ग्रामीणों ने धरना देकर अपनी मांगों को बुलंद किया।

बढ़ती शराबखोरी से बिगड़ रहा सामाजिक ताना-बाना

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बढ़ती शराब की लत ने परिवारों को तोड़कर रख दिया है। महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि शराब की वजह से घर बर्बाद हो रहे हैं और बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर रात 10 बजे तक जारी रहा और शनिवार को भी तेज धूप के बावजूद महिलाएं धरने पर डटी रहीं।
गांव में मीटिंग, फिर निकला विशाल जुलूस
आंदोलन की शुरुआत गांव के विभिन्न इलाकों पानी की टंकी, बच्चों के पार्क, हनुमान मंदिर और आंगनवाड़ी केंद्र पर हुई बैठकों से हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने विशाल रैली निकाली, जो मुख्य सड़कों से होते हुए गोंदिया रोड और अंबेडकर चौक पहुंची और अंततः तहसील कार्यालय पर समाप्त हुई। इस दौरान ‘शराब की दुकान बंद करो’ और ‘गांव बचाओ’ जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
महिलाओं की अगुवाई में आंदोलन को मिली धार
इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत गांव की महिलाएं बनकर सामने आई हैं। उन्होंने संगठित होकर न सिर्फ आवाज उठाई, बल्कि आंदोलन को दिशा भी दी। महिलाओं का कहना है कि गांव में शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं तो हैं, लेकिन शराब की दुकानें विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं।
प्रशासन अलर्ट, पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया। तहसील कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रदर्शन के दौरान बाजार की कई दुकानें बंद रहीं और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
10 अप्रैल से सड़क जाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर गांव में शराब की दुकानों को तत्काल बंद करने की मांग की। साथ ही, इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने के लिए चुनाव कराने की भी मांग रखी गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो 10 अप्रैल से सड़क जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आत्मदाह की चेतावनी से बढ़ी गंभीरता
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संतोष धोड़े, चुनेश्वरी हरिनखेड़े, प्रमिला बरोहे, यमन पुलम और रूपकला भंडारकर ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
Raksha Times
Author: Raksha Times

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!