मुंबई: एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने सदन में घोषणा की है कि अब इस कानून के तहत मामला दर्ज होते ही सीधी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अब हर मामले की पहले एक विशेष समिति द्वारा जांच की जाएगी। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तभी मामला आगे बढ़ाया जाएगा; अन्यथा गलत पाए जाने पर एफआईआर को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। मंत्री शिरसाट ने साफ किया कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।




























