नागपुर: महाराष्ट्र में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सूरज आग उगल रहा है और तापमान 41°C के पार पहुँच गया है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस बदलते मौसम ने आम जनता के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
गर्मी का सितम: अकोला सबसे गर्म
फरवरी के मध्य से शुरू हुई हीट वेव ने मार्च के दूसरे हफ्ते तक रौद्र रूप धारण कर लिया है। बुधवार को विदर्भ का अकोला जिला राज्य में सबसे गर्म रहा, जहाँ पारा 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गर्मी का आलम यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
इन जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी (13-14 मार्च)
चिलचिलाती गर्मी के बीच अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने निम्नलिखित जिलों के लिए चेतावनी दी है:

- 13 मार्च (शुक्रवार): यवतमाल और चंद्रपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट।
- 14 मार्च (शनिवार): नागपुर, वर्धा, यवतमाल और चंद्रपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना।
- मराठवाड़ा: लातूर, धाराशिव, नांदेड़, परभणी, बीड और हिंगोली में भी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है।
- मध्य महाराष्ट्र: पुणे समेत आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
कोंकण और मुंबई में हीट वेव का ‘ऑरेंज अलर्ट’
विदर्भ में जहाँ बारिश की आहट है, वहीं मुंबई, पालघर और ठाणे के लिए मौसम विभाग ने हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तटीय इलाकों में उमस और बढ़ते तापमान के कारण स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।
किसानों पर संकट के बादल
दिसंबर से फरवरी तक रुक-रुक कर हुई बेमौसम बारिश ने पहले ही रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। अब एक बार फिर ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भविष्यवाणी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर रखें।




























