नागपुर: उपराजधानी नागपुर में अब आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के लिए आधुनिक आवास सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। राविनगर परिसर में 15 मंज़िला टॉवर बनाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना पर लगभग 54 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नागपुर में वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके लिए आवास की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) ने रविनगर परिसर की सरकारी भूमि पर 15 मंज़िला टॉवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इस टॉवर में प्रत्येक मंज़िल पर चार सर्वसुविधायुक्त फ्लैट्स होंगे, यानी कुल 60 आधुनिक फ्लैट तैयार किए जाएंगे। यह इमारत विशेष रूप से विभागीय आयुक्त, पुलिस आयुक्त, मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी, एनएमआरडीए कमिश्नर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बनाई जाएगी।
वर्तमान में नागपुर के कई वरिष्ठ अधिकारियों को निजी मकानों या किराये के फ्लैट्स में रहना पड़ता है, क्योंकि सरकारी आवासों की संख्या सीमित है। नया टॉवर बनने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। इसके साथ ही नागपुर में 120 सरकारी कार्यालय भी किराये की इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इन्हें सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया है।
पीडब्ल्यूडी सूत्रों मिली जानकारी ने अनुसार राविनगर के अलावा उपराजधानी में दो अन्य स्थानों पर भी सरकारी कार्यालयों के लिए भवन निर्माण की योजना है। अगर मंज़ूरी मिलती है, तो आगामी दो वर्षों में यह 15 मंज़िला टॉवर नागपुर प्रशासनिक क्षेत्र का नया लैंडमार्क बन सकता है।
























